लखनऊ। मोहर्रम का महीना इस्लामिक कैलेंडर का पहला महीना होता है। यह इस्लाम मजहब का प्रमुख त्योहार है। इमाम हुसैन की शहादत की याद में मोहर्रम मनाया जाता है। यह कोई त्योहार नहीं बल्कि मातम का दिन है। जिसमें मुस्लिम दस दिन तक इमाम हुसैन की याद में शोक मनाते हैं। इमाम
हुसैन अल्लाह के रसूल यानी मैसेंजर पैगंबर मोहम्मद के नवासे थे। उन्होने दस दिनों तक भूखे-प्यासे रहकर युद्ध लड़ा और दसवे दिन शहीद हुये। उन्ही की याद में 31 जुलाई से 8 अगस्त तक अली कालोनी लखनऊ में रोजा 2 मजलिसे होंगी। जिसे आफताबे मिल्लत मौलाना जावेद हैदर जैदी साहब किबला जैदपूरी सम्बोधित करेंगे। पहली मजलिस ईवाने मोहम्मद में सुबह 7 बजे होगी, दूसरी मजलिस अज़ाखाना मौलाना मोहम्मद अब्बास के अजाखाना में सुबह 8 बजे होगी ।